Friday, 8 June 2012

SUCCESS IS CERTAIN

Every letter of an English alphabet has a good sense to get success in life.


A- Avoid waiting for tomorrow.

B- Be ready to face difficult problems.

C- Consider well before doing any work.

D- Do not think wrong about others.

E- Earn more for progress.

F- Feel the need wherever necessary.

G- Get good scorein each exanation.

H- hold moral value.

I-  Ignore bad habits.

J- Jump according to the capacity.

K- Know "what is truth"

L- Lie at right time.

M- Maintain good principal.

N- Neglect forein things.

O- Observe good manners.

P- Pay your debt certainly.

Q- Quell your enemies.

R- Respect ur elders.

S- Save when you are young and spend when you are old.

T- Touch not, take not, what is bad.

U- Use your energy in good works.

V- Vacate misuse words.

W- Watch new inventions carefully.

X- Xystus is  very useful for physical exercise.

Y- Yearn to proof.

Z- Zany persons are very dangerous.

मनुष्य




नाम से नहीं ,
काम से हो जिसकी पहचान।
पुरुस्कारों से नहीं,
योग्यता से जो हो जीता।
प्रश्नों के हलो से नहीं,
सहनशीलता से है बुद्धिमता।
नकली कलाओ से नहीं,
जीवन जीने की कलाओं से है वो कलाकार।
युद्ध जीतने  से नहीं,
 दिलो के जीतने से बनता है योद्धा ।
  वह है एक मनुष्य  अपनाये यह  गुण 
जो है इसके विपरीत वह मनुष्य नहीं शरीर है ।



   

Monday, 4 June 2012

मेरा प्यारे अभिनेता राजकपूर जी बॉलिवुड के शोमैन राजकपूर


 मेरा प्यारे  अभिनेता राजकपूर जी भले ही मैं आज के युग मैं हूँ एक युवा हूँ पर फिर भी मैं राजकपूर जी की एक्टिंग की फैन हूँ तो आप भी  डालिए । उनके जीवन पर की किस  के जीवन मैं उतार चदाव आय।

बॉलिवुड में अगर आज कपूर परिवार सबसे समृद्ध और सफल परिवार माना जाता है तो इसके पीछे वजह हैं वे महान हस्तियां जिन्होंने अपना तन-मन-धन इस इंडस्ट्री को अर्पित कर दिया. हिन्दी सिनेमा के गौरव पूर्ण इतिहास का सबसे सुनहरा पन्ना शोमैन राजकपूर ने लिखा है. राज कपूर सिर्फ एक या दो फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि अपनी उन सभी फिल्मों के लिए याद किए जाते हैं जिसे उन्होंने हिन्दी सिनेमा को अर्पित किया. राजकपूर ही वह शख्स थे जिन्होंने हिन्दी सिनेमा को ग्लोब में जगह दिलाई.

Raj_Kapoorराजकपूर हिंदी सिनेमा के महानतम शोमैन थे जिन्होंने कई बार सामान्य कहानी पर इतनी भव्यता से फिल्में बनाईं कि दर्शक बार-बार देखकर भी नहीं अघाते. नीली आंखों में तैरते कई सपनों को फिल्मों के माध्यम से पेश करने वाले राज कपूर उस दौर में सामाजिक विषमताओं को मनोरंजन के ताने-बाने के साथ पर्दे पर उकेरने की हिम्मत रखते थे जब हिन्दी फिल्म उद्योग अपनी जड़ें मजबूत कर रहा था.

आजादी के बाद देश को प्रगति की राह में अग्रसर करने के लिए नेहरू की समाजवादी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए राज कपूर ने सामाजिक संदेशों के साथ मनोरंजक फिल्में बनाईं. समस्या चाहे बेरोजगारी की हो या सर्कस के कलाकारों की, या फिर विधवा विवाह की, राज कपूर ने मनोरंजन के ताने-बाने में लपेट कर इन्हें बड़ी खूबसूरती से पर्दे पर पेश किया. राज कपूर न केवल हिन्दी फिल्मों के पहले शोमैन कहलाए बल्कि वह एक संपूर्ण फिल्मकार थे जो अभिनय, निर्देशन, निर्माण के अलावा कहानी, पटकथा, संपादन, गीत, संगीत जैसे पक्षों की गहरी जानकारी रखते थे. राज कपूर की सामाजिक संदेशों वाली मनोरंजक फिल्मों में श्री 420, जिस देश में गंगा बहती है, जागते रहो, अब दिल्ली दूर नहीं, बूट पालिश, प्रेम रोग आदि शामिल हैं.
प्रख्यात अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के घर पैदा हुए और सिने माहौल में पले बढ़े राज कपूर को बचपन से ही फिल्मों से लगाव था. राज कपूर का जन्म 14 दिसम्बर, 1924 को पेशावर में हुआ था. उनका बचपन का नाम रणबीर राज कपूर था. अपने पिता के साथ वह 1929 में मुंबई आए और उनके ही नक्शे कदम पर चलते हुए सिनेमा जगत में अपने आप को महान बनाया. 1935 में उन्होंने पहली बार फिल्म “इंकलाब ”में काम किया था, तब वह महज 11 साल के थे. उनकी पहली अभिनेता रूपी फिल्म थी “नीलकमल”. केदार शर्मा ने राज के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाना और 1947 में मधुबाला के साथ फिल्म नीलकमल में बतौर हीरो लिया.

अपने वक्त के सबसे कम उम्र के निर्देशक राजकपूर ने आर. के. फिल्म्स की स्थापना 1948 में की और पहली फिल्म आग का निर्देशन किया. 1948 से 1988 के बीच बतौर हीरो राजकपूर ने आर. के. फिल्म्स के बैनर तले कई फिल्में बनाईं जिसमें नर्गिस के साथ उनकी जोड़ी पर्दे की सफलतम जोडि़यों में से एक थी.

mera-naam-jokerमेरा नाम जोकर
राजकपूर की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म 1970 में प्रदर्शित “मेरा नाम जोकर” थी जिसे बनाने की योजना 1955 में “श्री 420” के निर्माण के दौरान से ही उनके दिमाग में थी. लेकिन यह फिल्म बाक्स आफिस पर औंधे मुंह जा गिरी. इसके बावजूद उनका फिल्मों के प्रति जुनून खत्म नहीं हुआ. माना जाता है दर्शक इस फिल्म को समझ नहीं सके. यह फिल्म हिन्दी सिनेमा की सबसे गंभीर फिल्मों में से एक मानी जाती है. राजकपूर इस फिल्म के बाद टूट से गए थे. कर्ज का बोझ और सपने टूटने के दर्द ने राजकपूर को झकझोर दिया. लेकिन “मेरा नाम जोकर” की असफलता से राजकपूर को उबारा उनकी फिल्म “बॉबी” ने जिसमें किशोर वय की प्रेमकथा का खूबसूरती से बुना गया ताना बाना था.
अभिनय की दुनिया से अलग होकर राजकपूर ने बॉबी, सत्यम शिवम सुंदरम, प्रेम रोग, राम तेरी गंगा मैली जैसी खूबसूरत फिल्मों का निर्माण किया.

राजकपूर और मुकेश
राजकपूर पर फिल्माए गए लगभग सभी गाने मुकेश की आवाज में होते थे. मुकेश ने राजकपूर के लिए श्री 420, चोरी-चोरी, मेरा नाम जोकर, दिल ही तो है जैसी फिल्मों में गाने गाए. जब मुकेश की मृत्यु हुई तो खुद राजकपूर ने कहा कि “मैने अपनी आवाज खो दी है.”

Raj-Kapoor-Nargisराजकपूर और नर्गिस
एक समय माना जाता था कि राजकपूर और नर्गिस का अफेयर है. दोनों ने एक साथ सोलह फिल्मों में काम किया और हर फिल्म में उनकी आपस में जोड़ी बहुत बेहतरीन लगती थी. दोनों ने साथ साथ प्यार, जान पहचान, आवारा, अनहोनी, बेवफा, पापी, श्री 420, जागते रहो जैसी फिल्मों में साथ काम किया. हालांकि दोनों का रिश्ता सोलह फिल्मों तक ही कायम रहा.

राजकपूर का परिवार
राजकपूर ने कृष्णा कपूर से शादी की थी. राजकपूर के पांच बच्चे हुए. रणधीर कपूर, रितू नंदा, ऋषि कपूर, रीमा और राजीव कपूर उनकी संतान हैं. आज उनके बच्चे और नाती-पोते हिन्दी सिनेमा की शान बने हुए हैं. करिश्मा कपूर, करीना कपूर और रणबीर कपूर आज भी राजकपूर के शौक को आगे बढ़ा रहे हैं.

राजकपूर की मृत्यु
राम तेरी गंगा मैली के बाद वह हिना पर काम कर रहे थे पर नियति को यह मंजूर नहीं था और दादा साहब फाल्के सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित इस महान फिल्मकार का दो जून, 1988 को निधन हो गया.

Sunday, 3 June 2012

भ्रष्टाचाR



भ्रष्टाचार हर  जगह  यही शब्द सुनाई दे रहा है, आखिर क्या वजह है इसकी क्यूँ है हर जगह ये । इसने पूरे देश को  खोखला बना रखा है ।  ये देश को अन्दर ही अन्दर खाए जाने वाला नाग बन गया है ।इसकी चपेट मैं हमारे देश का हर नेता फंस चूका है। और नेता ही नहीं यंहा तक की हमारी सुरक्षा करने वाले भी   हमारी सुरक्षा करने की जगह हमारी जान के दुश्मन बन गए हैं।  लोग इसको ख़तम करने के लिए क्या क्या नहीं कर रहे हैं।अन्ना हजारे इसका जीता जागता सबूत हैं । आज ही बाबा   रामदेव एक बार फिर से दिल्ली के जंतर मंतर पे अनशन कर रहे हैं, वो भी सिर्फ इस भ्रष्टाचार को ख़तम करने के लिए  ऐसा कर रहे हैं, इससे  पहले उन्होंने रामलीला मैदान मैं अनशन किया था । हमारे देश की  janata badi bholi hai ise ye neta jaise marji chahe chala sakte they lekin aaj janta ka krodh bad chuka hai wo in netao ko aise nahi chodne wali hain...




Neta desh ko nigale ja rahe hain.
Desh ki janat ke krodh ko badaye ja rahe hain.
Paksh vipaksh ke bich main piss rahi janta.
Ab neta ke chakke chudane wali hai.
2g aur cwg ke jaise ghotale ko dekh.
Janata aag ugalne wali hai.
Sanasad ko jin neta ne bana diya ganw ki choupal.
Un netao ki ab band bajne wali hai.
Bhrashtachar ki jad hi ye neta.
Diwali ko ye neta nikal dete hain diwala.
Jhuthe jhuthe wade tassali dete hain baar baar.
Badhti berojgari, aasmaan chuti mehgayi ki maar.
Ye neta hi hain jo desh ko dubate hain. 
Desh ubal raha hai ek din rang jarur badlega.


FRIENDSHIP

YEA DOSTI HUM NAHI CHODENGE






















Saturday, 2 June 2012

GIRL CHILD

Aaj hamare desh main ladkiya itani tarraki kar chuki hain. Fir bhi aaj ladkiyon ke saath bhedbhaw kiya jata hai .Ladkiyon ke upar atyachar kiye jate hain. hum aaj har jagah ladko se ek kadam aage chalte hain . par fir bhi ye kalyug samaj ladkiyon ka bhakshi bana baitha hai kehne ko to ekladki i.p.s. officer bankar desh ki suraksha karti hain.  Lekin wanhi kuch ladkiyan itani majboor hai jo desh ki to kya apni bhi raksha nahi kar pati hain. Aur us par ladkiyon ki shadi ka dar usame maange jaane wale dahej ke karan aaj pita garbh main hi apni beti ki hatya karwa dete hain. Aur bechari majboor maa ek abla nari ki tarah apni beti kebhavishy se darkar usaki hatya kar deti hain.




            us waqt garbh main pal rahi kanaya kehti hogi baar baar
MAT MAARO MAA GARBH MAIN MUJHE.
 JARA SUN LO MERI PUKAR.
JEEWAN DE DO NA MAA MUJHE .
MAIN BHI DEKHANA CHAAHTI HUN YE SANSAAR.

BEBAS MAA APNI MAJBURI USAKO KAISE BATAYE . LADKHADATE HONGE USAKE KADAM YE APRAADH KARTE HUYE AUR. Pata nahi wo kaise apni nanahi si jaan ko khud se juda karti hogi. kab tak bacha payegi bechari maa apni beti ko is kalyug samaj se jo balatkar aur dahej jaise apradh ko din pe din badhawa de raha hai. Aur isi dar se wo maa apni nanhi si jaan ki kurbaani de deti hai.


LADKIYON KO LADKO SE KAM NAHI SAMJHANA CHAHIYE
PURANI RITIRIWAJO MAIN AAKAR BETI KA JEEWAN NAHI GANWANA CHAHIYE.
NAARI KO ABLA NAHI AB HAI DURGA KA DARJA .
GARBH MAIN PAL RAHI KANYA KA ISLIYE HAI JEEWAN JARURI.
KYUNKI AAJ BADLATE SAMAJ KI AAWAJ BHI HAI BADALANI JARURI.
TABHI TO KEH SAKEGI HAR BETI AGLE JANAM MOHE BITIYA HI KIJO.

Friday, 1 June 2012

WAAH TAJMAHAL


Sundarta Se Bhi Sundar Hai TAJ.
Bharat Ko hai Isake Hone Par NAAJ.

Saat ajubo main hai jo isaka darja.
Sangmarmar ke pathro se bana hai isaka naksha.
Pyar ka jinda pratik hai isaki daastan.
Bharatwasiyon ki aankho main ye basta.
Yamuna ka jal usake man ko shital karta.
Chandani raat main chand sa chamke hai TAJ.
Bharat ko hai isake hone par NAAJ.



Sahajanha ki thi ye karamat.
Mumtaj ke liye huyi thi ye inayat.

Shajanha Mumtaj ke pyar ki hai ye nishani.
Har pyar karne walon ka hai ye ARMAAN.
Is mahal ke aage kanah tik paaya koi mahal.
kyunki ye hai kisi ke pyare khawabo ka mahal.

Taajo ka taj bhi hai isake aage bejar.
BHARAT KO HAI ISAKE HONE PAR NAAJ.
WRITTEN BY NEHA SINGH